अनियमित पीरियड्स की जानकारी — Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, Patna

महिला स्वास्थ्य

अनियमित पीरियड्स — कब चिंता की बात है?

कारण, लक्षण और इलाज — आसान भाषा में समझें।

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अनियमित पीरियड्स क्या हैं?

सामान्य मासिक चक्र 21 से 35 दिनों का होता है। अगर यह समय बार-बार बदलता रहे, पीरियड्स मिस हों, या ब्लीडिंग बहुत ज़्यादा या बहुत कम हो — तो इसे अनियमित पीरियड्स कहते हैं।

मेडिकल भाषा में इसे ओलिगोमेनोरिया कहा जाता है।

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आम कारण

  • PCOS या PCOD — सबसे आम कारण
  • थायराइड का असंतुलन
  • तेज़ी से वजन बढ़ना या घटना
  • लगातार तनाव और नींद की कमी
  • हार्मोनल बदलाव
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किन लक्षणों पर ध्यान दें

  • पीरियड्स कई महीनों तक न आना
  • चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल
  • मुंहासे और तैलीय त्वचा
  • अचानक वजन बढ़ना
  • बालों का पतला होना या झड़ना
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क्या इससे गर्भधारण पर असर पड़ता है?

हो सकता है। अनियमित पीरियड्स का मतलब अक्सर यह होता है कि ओव्यूलेशन नियमित नहीं हो रहा — और सही समय पर ओव्यूलेशन न होना गर्भधारण मुश्किल बना सकता है।

अच्छी बात यह है कि ज़्यादातर मामलों में यह इलाज योग्य है। सही जांच से कारण पता चलने पर इलाज आसान हो जाता है।

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जांच और इलाज

इलाज कारण पर निर्भर करता है — इसलिए पहले जांच ज़रूरी है।

  • हार्मोन प्रोफ़ाइल और थायराइड टेस्ट
  • पेल्विक अल्ट्रासाउंड
  • वजन, खानपान और नींद में सुधार
  • ज़रूरत होने पर दवा से चक्र नियमित करना

डॉक्टर से कब मिलें

  • लगातार 3 महीने से ज़्यादा पीरियड्स न आना
  • बहुत तेज़ दर्द या भारी ब्लीडिंग
  • एक साल से गर्भधारण की कोशिश असफल
  • पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग

यह जानकारी सामान्य समझ के लिए है। अपनी स्थिति के लिए हमेशा अपनी डॉक्टर से सलाह लें।

पटना में जांच और इलाज

Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre में डॉ. रश्मि प्रसाद 25+ वर्षों से महिलाओं का इलाज कर रही हैं।

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