गर्भावस्था में संतुलित भारतीय आहार — Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, Patna

पहली तिमाही

प्रेगनेंसी के पहले 3 महीने में क्या खाएं?

ICMR दिशानिर्देशों पर आधारित, पूरी तरह भारतीय खाने से बना डाइट प्लान।

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पहली तिमाही क्यों अलग है

पहले 3 महीनों में बच्चे का दिमाग़, रीढ़ और मुख्य अंग बनना शुरू होते हैं। इस समय मात्रा से ज़्यादा पोषण की गुणवत्ता मायने रखती है।

इस दौरान उल्टी और जी मिचलाना आम है — एक साथ ज़्यादा खाने की बजाय थोड़ा-थोड़ा कई बार खाएं।

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फोलिक एसिड सबसे ज़रूरी

फोलेट बच्चे की न्यूरल ट्यूब बनने में मदद करता है। यह पहली तिमाही में सबसे अहम पोषक तत्व है।

  • हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ — पालक, मेथी, सरसों
  • दालें और राजमा
  • संतरा और मौसमी फल
  • डॉक्टर की बताई फोलिक एसिड टैबलेट
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आयरन और कैल्शियम

खून की कमी गर्भावस्था में आम है। आयरन के साथ विटामिन C लें — इससे शरीर आयरन बेहतर सोखता है।

  • आयरन — गुड़, चना, खजूर, हरी सब्ज़ियाँ
  • कैल्शियम — दूध, दही, पनीर, तिल
  • विटामिन C — नींबू, आँवला, संतरा
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दिनभर का सरल प्लान

कोई महंगा सुपरफूड नहीं — यह सब आपकी रसोई में पहले से है।

  • सुबह — भीगे बादाम, दलिया या पोहा, दूध
  • दोपहर — रोटी, दाल, सब्ज़ी, दही, सलाद
  • शाम — फल, भुना चना या नारियल पानी
  • रात — हल्की खिचड़ी या रोटी-सब्ज़ी
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इनसे परहेज़ करें

  • कच्चा या अधपका पपीता और अनानास
  • कच्चा या अधपका मांस और अंडा
  • बिना पाश्चुरीकृत दूध और कच्चा पनीर
  • ज़्यादा कैफ़ीन, और शराब पूरी तरह बंद

कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपनी डॉक्टर से ज़रूर पूछें।

पानी और आराम भी आहार का हिस्सा है

दिन में 8–10 गिलास पानी पिएं। थकान महसूस हो तो आराम करें — पहली तिमाही में शरीर बहुत बदलाव से गुज़र रहा होता है।

याद रखें: हर गर्भावस्था अलग होती है। अगर आपको डायबिटीज़, थायराइड या कोई और समस्या है, तो डाइट आपकी डॉक्टर के अनुसार बदलेगी।

पूरा 9 महीने का चार्ट देखें

महीने-दर-महीने विस्तृत डाइट प्लान, क्या खाएं और क्या न खाएं — सब एक जगह।

Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, पटलिपुत्र कॉलोनी, पटना