
पहली तिमाही
ICMR दिशानिर्देशों पर आधारित, पूरी तरह भारतीय खाने से बना डाइट प्लान।
पहले 3 महीनों में बच्चे का दिमाग़, रीढ़ और मुख्य अंग बनना शुरू होते हैं। इस समय मात्रा से ज़्यादा पोषण की गुणवत्ता मायने रखती है।
इस दौरान उल्टी और जी मिचलाना आम है — एक साथ ज़्यादा खाने की बजाय थोड़ा-थोड़ा कई बार खाएं।
फोलेट बच्चे की न्यूरल ट्यूब बनने में मदद करता है। यह पहली तिमाही में सबसे अहम पोषक तत्व है।
खून की कमी गर्भावस्था में आम है। आयरन के साथ विटामिन C लें — इससे शरीर आयरन बेहतर सोखता है।
कोई महंगा सुपरफूड नहीं — यह सब आपकी रसोई में पहले से है।
कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपनी डॉक्टर से ज़रूर पूछें।
दिन में 8–10 गिलास पानी पिएं। थकान महसूस हो तो आराम करें — पहली तिमाही में शरीर बहुत बदलाव से गुज़र रहा होता है।
याद रखें: हर गर्भावस्था अलग होती है। अगर आपको डायबिटीज़, थायराइड या कोई और समस्या है, तो डाइट आपकी डॉक्टर के अनुसार बदलेगी।
महीने-दर-महीने विस्तृत डाइट प्लान, क्या खाएं और क्या न खाएं — सब एक जगह।
Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, पटलिपुत्र कॉलोनी, पटना