Hemoglobin in Hindi: हीमोग्लोबिन क्या है? जानें लक्षण, कारण और इलाज

हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) एक महत्वपूर्ण प्रोटीन है जो लाल रक्त कोशिकाओं (red blood cells) में पाया जाता है। इसका मुख्य कार्य शरीर के विभिन्न अंगों में ऑक्सीजन पहुंचाना और कार्बन डाइऑक्साइड को हटाना है। हमारे शरीर की सभी प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से करने के लिए हीमोग्लोबिन (Hemoglobin in Hindi) की आवश्यकता रहती है। हीमोग्लोबिन के कम लेवल को नजरंदाज करना हानिकारक हो सकता है।
यह जानकारी Patna के प्रमुख IVF अस्पताल Diwya Vatsalya Mamta IVF Centre और 25 वर्षों से अनुभवी विशेषज्ञ Dr. Rashmi Prasad द्वारा medically verified है। इस लेख में हम आपको इसके कारण, लक्षण, उपचार और बचाव के सभी पहलुओं पर स्पष्ट जानकारी देंगे।
In this Article
हीमोग्लोबिन क्या है? (What is Hemoglobin in Hindi)
हीमोग्लोबिन हमारे शरीर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है , जो की लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है। क्योंकि यह ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचाने का भी कार्य करता है। इसका मुख्य कार्य ऑक्सीजन (Oxygen) को फेफड़ों के द्वरा शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचाना और कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon Dioxide) को वापस फेफड़ों में ले जाना होता है, ताकि इसे बाहर निकाला जा सके।
हीमोग्लोबिन का कार्य (Function of Hemoglobin in Hindi)
हीमोग्लोबिन शरीर में कई ज़रूरी कार्य करता है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं:
- ऑक्सीजन का परिवहन: यह फेफड़ों से ऑक्सीजन को लेकर शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचाता है।
- कार्बन डाइऑक्साइड का निष्कासन: शरीर के अंगों से कार्बन डाइऑक्साइड को फेफड़ों तक लाता है ताकि वह बाहर निकल सके।
- रक्त का रंग: हीमोग्लोबिन रक्त को लाल रंग देता है, जो आयरन की उपस्थिति के कारण होता है।
- तापमान को नियंत्रित करना: यह शरीर के तापमान को भी संतुलित रखने में मदद करता है।
Hemoglobin in Hindi को समझने के लिए उसके कार्यों का समझना ज़रूरी है, क्योंकि ये शरीर की मूलभूत प्रक्रियाओं का संचालन करता है।
हीमोग्लोबिन कम होने के कारण (Causes of Low Hemoglobin in Hindi)
- आयरन, फोलेट या विटामिन B12 की कमी
- ज्यादा रक्तस्राव (Periods में या चोट से)
- थैलेसीमिया, कैंसर, एड्स, सिरोसिस
- हड्डियों की मज्जा में गड़बड़ी
- पेट में अल्सर, बवासीर, लिवर रोग
- कुपोषण या खराब डायट
- प्रेग्नेंसी के दौरान पोषण की कमी
👉 अगर रक्त में हीमोग्लोबिन लेवल गिरता है तो तुरंत ब्लड टेस्ट कराएं।
लक्षण: हीमोग्लोबिन की कमी के संकेत (Symptoms of Low Hemoglobin in Hindi)
हीमोग्लोबिन के कम होने के लक्षण शरीर में ऑक्सीजन की कमी को दर्शाते हैं। यदि आप इनमें से कोई भी लक्षण का अनुभव कर रहे हैं, तो तुरंत अपने डॉ से सलाह लें।
हीमोग्लोबिन कम होने पर आपको निम्नलिखित अनुभव हो सकते है।
- कमजोरी आना, थकान होना
- हाथ और पैर ठंडे हो जाना
- ध्यान लगाने में कमी
- चक्कर आना, घबराहट होना
- सर और छाती में दर्द होना
- सांस फूलना, चिड़चिड़ापन
- स्किन का पीला पड़ जाना
- भूख न लगना
- अधिक निंद आना
हीमोग्लोबिन की जांच कैसे होती है? (Diagnosis of Hemoglobin in Hindi)
- Complete Blood Count (CBC) टेस्ट
- Vitamin B12 और Folic Acid टेस्ट
- Serum Iron और Ferritin टेस्ट
- Urine और Reticulocyte Count टेस्ट
- जरूरत पड़ने पर Finger Prick या Bilirubin Test
👉 ये सभी टेस्ट किसी विश्वसनीय लैब या डॉक्टर की सलाह से ही कराएं।
हीमोग्लोबिन की कमी का इलाज (Treatment of Hemoglobin in Hindi)
हीमोग्लोबिन की कमी के उपचार उसके कारणों पर निर्भर करता है। अगर ब्लड टेस्ट में हीमोग्लोबिन की कमी पाई जाती है तो आपके डॉक्टर हीमोग्लोबिन की कमी का कारण पता करेगा उसके बाद उसका उपचार तय करेंगे ।
- अगर आपमें विटामिन B12 की कमी होंतो डॉक्टर विटामिन B12 की दवाइयां या फिर इंजेक्शन का सुझाव दे सकते है।
- फोलेट की कमी हो तो डॉक्टर फोलेट की टेबलेट दे सकते है।
- आयरन की कमी हो तो आयरन के सप्लीमेंट्स
- योग और व्यायाम भी हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है।
- कॉफी, चाय, कोला, आल्कोहोल जैसे पदार्थ शरीर में आयरन प्राप्त करने की क्षमता में बाधक बन सकता है।
हीमोग्लोबिन की सामान्य मात्रा (Normal Hemoglobin Level in Hindi)
- पुरुषों में: 14-18 ग्राम/डेसीलीटर
- महिलाओं में: 12-16 ग्राम/डेसीलीटर
- बच्चों में: 11-14 ग्राम/डेसीलीटर
यदि यह स्तर इससे कम है, तो यह एनीमिया या अन्य रोगों का संकेत हो सकता है।
हीमोग्लोबिन कमी से होने वाली समस्याएं (Risk Factors of low Hemoglobin in Hindi)
हीमोग्लोबिन की कमी की वजह से कई और बीमारी भी हो सकती है।
- एनीमिया
- ब्लड प्रेशर
- संक्रमण का खतरा
- शरीर में अकड़न और दर्द
- पीरियड्स के दौरान दर्द
- किडनी और लिवर संबंधी बीमारी
- दिल से जुड़ी बीमारी
- डिप्रेशन
- बच्चों के विकास में देरी
- गर्भावस्था संबंधी जटिलता
इसलिए हीमोग्लोबिन की कमी को नजरंदाज नहीं करना चाहिए। हीमोग्लोबिन के लक्षण दिखते हीं उसका निदान जरुर करवाना चाहिए जिससे आने वाली बीमारियों को रोका जा सकता है।
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बचाव कैसे करें? (Prevention of Hemoglobin Deficiency in Hindi)
हीमोग्लोबिन की कमी बचने के लिए अपनी जीवनशैली और डायट में बदलाव करना जरूरी है।
- हरी सब्जियां, चुकंदर, अनार, खजूर का सेवन
- विटामिन C युक्त फल जैसे आंवला, संतरा
- लोहे से भरपूर फूड्स जैसे गुड़, मेथी, पालक
- Junk food, सोडा, ज्यादा चाय-कॉफी से परहेज
- समय-समय पर ब्लड टेस्ट कराना
हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए क्या खाएं? (What to Eat to Increase Hemoglobin in Hindi)
विशेषज्ञों के मुताबिक हीमोग्लोबिन की कमी को आसानी से दूर किया जा सकता है। हीमोग्लोबिन की कमी का निदान होते ही अपने डायट में बदलाव करके हीमोग्लोबिन के लेवल को आप ठीक कर सकते हैं।
- पालक, ब्रोकली, मेथी, चुकंदर
- खजूर, किशमिश, अंजीर, गुड़
- अंडा, चिकन, मछली (Non-veg लेने वाले)
- विटामिन C के लिए नींबू, संतरा, आंवला
- फोलिक एसिड के लिए अंकुरित अनाज, स्प्राउट्स
निष्कर्ष
Hemoglobin in Hindi को समझना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यह हमारे शरीर की हर कोशिका तक ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है। यदि आपकी ब्लड रिपोर्ट में हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई है या आप इसके लक्षण महसूस कर रहे हैं, तो समय रहते जांच और इलाज करवाना बेहद जरूरी है।
Patna के भरोसेमंद महिला स्वास्थ्य और IVF सेंटर Diwya Vatsalya Mamta IVF Centre में, अनुभवी विशेषज्ञ Dr. Rashmi Prasad से परामर्श लें, जो पिछले 25 वर्षों से महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए Personalised और medically guided care प्रदान कर रही हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने का क्या कारण है?
शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के लिए लाल रक्त कोशिकाओं की कमी, थैलेसीमिया, कैंसर, एड्स, सिरोसिस, कुपोषण, फोलेट या विटामिन B12, आयरन की कमी, हड्डियों की मज्जा और स्टेम सेल में समस्या, लिंफोमा, बवासीर, पेट में अल्सर और महिलाओं में पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होना जैसे कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
हीमोग्लोबिन की कमी के क्या लक्षण होते हैं?
हीमोग्लोबिन की कमी से थकान, चक्कर आना, सांस फूलना, स्किन पीली पड़ना, और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी जैसे लक्षण सामने आते हैं।
घर पर तुरंत हीमोग्लोबिन कैसे बढ़ाएं?
पालक और हरी पत्तेदार सब्जियां, मेथी, लहसुन, गाजर, गुड़ का सेवन करें, आयरन के सप्लीमेंट्स, खजूर, बादाम, अंजीर, पिस्ता, अखरोट और किशमिश, अंडा, चिकन और मछली, विटामिन C से भरपूर खाद्य पदार्थ का सेवन करके आप घर पर ही हीमोग्लोबिन बढा सकते हैं।
हीमोग्लोबिन की कमी से कौन सा रोग होता है?
हीमोग्लोबिन की कमी से एनीमिया, ब्लड प्रेशर, संक्रमण का खतरा, शरीर में अकड़न और दर्द, पीरियड्स के दौरान दर्द, किडनी और लिवर संबंधी बीमारी, दिल से जुड़ी बीमारी, डिप्रेशन बच्चों के विकास में देरी और गर्भावस्था संबंधी जटिलता जैसी समस्याएं हो सकती है।
हीमोग्लोबिन कम हो तो क्या खाना चाहिए?
हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए पालक, अनार, चुकंदर, खजूर, अंडा, चिकन, विटामिन C युक्त फल जैसे आंवला और संतरा का सेवन करें।
हीमोग्लोबिन की सामान्य मात्रा कितनी होनी चाहिए?
पुरुषों में 14-18 ग्राम/डेसीलीटर और महिलाओं में 12-16 ग्राम/डेसीलीटर हीमोग्लोबिन की सामान्य मात्रा मानी जाती है।
हीमोग्लोबिन कम होने पर कौन सा टेस्ट किया जाता है?
हीमोग्लोबिन की जांच के लिए Complete Blood Count (CBC) टेस्ट किया जाता है, जिसमें खून में RBC और हीमोग्लोबिन की मात्रा पता चलती है।