Laparoscopic Surgery in Hindi: लप्रोस्कोपिक के फायदे और इलाज

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी एक आधुनिक सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें बिना बड़ा चीरा लगाए शरीर के अंदरूनी अंगों की जांच किया जाता है, और इलाज किया जाता है।
Laparoscopic Surgery in Hindi को आसान भाषा में समझें तो यह एक ऐसी तकनीक है, जिससे मरीज को कम दर्द, कम ब्लीडिंग और जल्दी रिकवरी मिलती है।
Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, Patna में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का उपयोग इनफर्टिलिटी, पेल्विक दर्द, सिस्ट, फाइब्रॉएड और एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याओं में किया जाता है।
यह प्रक्रिया वरिष्ठ IVF विशेषज्ञ Dr. Rashmi Prasad की निगरानी में सुरक्षित तरीके से की जाती है।
In this Article
लप्रोस्कोपिक सर्जरी क्या है? (Laparoscopic Surgery in Hindi)
लेप्रोस्कोपी एक डायग्नोस्टिक और सर्जिकल तकनीक है, जिसमें पेट में छोटे-छोटे चीरे लगाकर कैमरे की मदद से अंदरूनी अंगों को देखा जाता है।
इस कैमरे को लेप्रोस्कोप कहा जाता है।
इस प्रक्रिया से:
- गर्भाशय
- ओवरी
- फैलोपियन ट्यूब
- पेल्विक एरिया
की समस्याओं का सही कारण पता लगाया जा सकता है।
➡️ अधिक जानकारी के लिए आप हमारा Laparoscopic treatment प्लान भी देख सकते हैं:
लेप्रोस्कोपी सर्जरी क्यों की जाती है? (Purpose of Laparoscopic Surgery in Hindi)
लेप्रोस्कोपी का उपयोग पेट और पेल्विक क्षेत्र में जांच करने के लिए किया जाता है। लप्रोस्कोपिक सर्जरी निम्न कारणों से की जाती है:
- लंबे समय से पेट या पेल्विक दर्द
- गर्भधारण में परेशानी (Infertility evaluation)
- ओवरी सिस्ट या फाइब्रॉएड
- एंडोमेट्रियोसिस
- फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज
- पेल्विक इंफेक्शन की सही जांच
इनफर्टिलिटी के मामलों में, लेप्रोस्कोपी से यह तय किया जाता है कि आगे किस तरह का इलाज सही रहेगा।
लेप्रोस्कोपी सर्जरी से पहले की तैयारी
- डॉक्टर को अपनी पूरी मेडिकल हिस्ट्री बताएं
- यदि कोई दवा चल रही है, तो पहले जानकारी दें
- सर्जरी से कुछ दिन पहले धूम्रपान और शराब से बचें
- डॉक्टर द्वारा बताए गए टेस्ट समय पर कराएं
लेप्रोस्कोपी सर्जरी के बाद क्या करना चाहिए (What to Do After Laparoscopic Surgery)
लेप्रोस्कोपी सर्जरी के बाद लेप्रोस्कोप मरीज के शरीर से सुरक्षित बहार निकाल दिया जाता है। सर्जरी के बाद जल्द रिकवरी के लिए डॉक्टर के निर्देशो का पालन करें।
- सर्जरी के बाद कुछ घंटों तक निगरानी में रखा जाता है
- हल्का दर्द या सूजन सामान्य है
- डॉक्टर की दी गई दवाएं समय पर लें
- कुछ ही दिनों में सामान्य दिनचर्या शुरू हो जाती है
लप्रोस्कोपिक सर्जरी के जोखिम (Risks of Laparoscopic Surgery)
लेप्रोस्कोपी सर्जरी के की फायदे होने के साथ साथ उसमें कुछ जोखिम भी शामिल हैं, हालांकि यह सुरक्षित प्रक्रिया है, फिर भी कुछ rare जोखिम हो सकते हैं:
- हल्का संक्रमण, कभी कभी सर्जरी के बाद संक्रमण भी हो सकता है।
- चीरा वाले हिस्से पर जलन या सूजन या फिर ब्लीडिंग होना।
- अस्थायी सूजन या गैस की समस्या
- इसीलिए सर्जरी के बाद डॉक्टर के निर्देशो को सहीं से पालन करें।
👉 इसलिए अनुभवी डॉक्टर की देखरेख में Laparoscopic Surgery कराए ताकि जोखिम बहुत कम हो जाते हैं।
लेप्रोस्कोपी सर्जरी कब करवाना चाहिए?
- अगर कोई महिला गर्भधारण करने की कोशिश कर रही है लेकिन उन्हें सफलता न मिल रही हो तब
- पेट, पेल्विक एरिया में दर्द का कारण जानने के लिए लेप्रोस्कोपी सर्जरी की जाती है।
- पीरियड्स के दौरान अधिक ब्लीडिंग या दर्द होने की स्थिति में।
- सिस्ट, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय या ओवरी को शरीर से निकालने के लिए लेप्रोस्कोपी सर्जरी का सहारा लिया जाता है।
निष्कर्ष
Laparoscopic Surgery in Hindi एक सुरक्षित और आधुनिक तकनीक है, जिससे कई गंभीर समस्याओं का सही कारण पता लगाया जा सकता है। यह प्रक्रिया ओपन सर्जरी की तुलना में कम दर्दनाक होती है और रिकवरी भी जल्दी होती है।
Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, Patna में Dr. Rashmi Prasad (25+ वर्षों का अनुभव) की देखरेख में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी और महिला स्वास्थ्य से जुड़ा इलाज किया जाता है।
यदि आपको लंबे समय से पेट दर्द, पेल्विक समस्या या इनफर्टिलिटी से जुड़ी चिंता है, तो समय पर जांच करवाना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
क्या लप्रोस्कोपिक सर्जरी सुरक्षित होती है?
हाँ, अनुभवी डॉक्टर द्वारा की गई लप्रोस्कोपिक सर्जरी सामान्यतः सुरक्षित होती है। इसमें दर्द कम होता है, ब्लीडिंग कम होती है और रिकवरी भी जल्दी होती है।
लप्रोस्कोपिक सर्जरी करने में कितना खर्च आता है?
लप्रोस्कोपिक सर्जरी का खर्च समस्या, अस्पताल और सर्जरी के प्रकार पर निर्भर करता है। आमतौर पर इसका खर्च अलग-अलग मामलों में अलग हो सकता है।
क्या लप्रोस्कोपी से इनफर्टिलिटी का कारण पता चल सकता है?
हाँ, कई मामलों में लप्रोस्कोपी से इनफर्टिलिटी का सही कारण पता चलता है, जैसे ट्यूब ब्लॉकेज, एंडोमेट्रियोसिस या पेल्विक इंफेक्शन।
लप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
सर्जरी के बाद चीरे वाली जगह को साफ और सूखा रखना चाहिए। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं समय पर लें, भारी काम से बचें
लप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद कितने दिन में रिकवरी होती है?
लप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद कितने दिन में रिकवरी होती है?
