
Pregnancy Diet Chart in Hindi जानना हर गर्भवती महिला के लिए बेहद ज़रूरी होता है, क्योंकि सही आहार माँ और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के स्वस्थ विकास को सीधे प्रभावित करता है।
गर्भावस्था के दौरान क्या खाना चाहिए, कितनी मात्रा में खाना चाहिए, और हर महीने शरीर को किन पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है, इन सभी सवालों के जवाब इस विस्तृत Indian Pregnancy Diet Chart में आसान और भरोसेमंद भाषा में दिए गए हैं।
यह डाइट चार्ट भारतीय खाने पर आधारित है, जिसे कोई भी महिला अपनी रोज़मर्रा की दिनचर्या में आसानी से अपना सकती है, ताकि प्रेगनेंसी सुरक्षित, संतुलित और स्वस्थ बनी रहे।
In this Article
गर्भावस्था में आहार का महत्व (Importance of Pregnancy Diet Chart in Hindi)
प्रेगनेंसी की शुरुआत से लेकर बच्चे के जन्म तक, डॉक्टर हमेशा आपको एक संतुलित और पोषण से भरपूर Pregnancy Diet Chart in Hindi का पालन करने की सलाह देते हैं। सही खानपान न सिर्फ माँ की सेहत को बनाए रखता है, बल्कि शिशु के स्वस्थ विकास में भी मदद करता है।
👉 गर्भावस्था में संतुलित आहार लेने के फायदे:
- माँ और बच्चे दोनों को ज़रूरी पोषण मिलता है
- शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करता है
- प्रेगनेंसी के दौरान ऊर्जा स्तर बनाए रखता है
- गर्भपात और समय से पहले डिलीवरी का खतरा कम करता है
- माँ की इम्यूनिटी मजबूत करता है और इंफेक्शन से बचाव करता है
- स्ट्रेस और थकान कम करता है
- गर्भावस्था में सामान्य वजन नियंत्रण में मदद करता है
अगर आपको भी प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण दिख रहे हैं तो आपके लिए यह गाइड परफेक्ट है। इस Pregnancy Diet Chart Plan में हम आपके लिए एक पूरा दिनभर का डाइट प्लान साझा कर रहे हैं – जिसमें सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम का स्नैक और रात का हल्का भोजन शामिल है।
गर्भवती महिलाओं के लिए दिनभर का डाइट प्लान (Daily Diet Chart During Pregnancy)
1. सुबह का नाश्ता (7:00–9:00 AM)
सुबह के समय नाश्ता करना आपके लिए काफी जरूरी है इसलिए आप सुबह हेल्दी नाश्ता करें। आइये जानते और क्या क्या सुबह के समय नाश्ता में लेना चाहिए..
- दलिया और दूध
- ताजे फल (केला, सेब)
- मूँग दाल का चीला
- एग ऑमलेट
- एक कटोरी दही के साथ भरवां परांठे
- पालक पनीर के साथ रोटी
2. दोपहर का खाना (12:30–2:00 PM)
प्रेगनेंसी में आपको दोपहर के समय संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए और इसमें दही, छाछ और सुप को भी जरुर शामिल करना चाहिए। और भी चेज दोपहर के समय आप ले सकते है जैसे की…
- मिश्रित दाल और चपाती
- लौकी, तोरी या टिंडे जैसी हल्की सब्जियाँ
- रागी या बाजरे की रोटी
- छोले या राजमा
- हरे धनिया की चटनी और पापड़
3. शाम का नाश्ता (4:00–5:00 PM)
प्रेगनेंसी में शाम के समय नाश्ता के रूप में आप ड्राई फ्रूट्स, ज्यूस, हलवा, चना, ओट्स आदि को भी आप शामिल कर सकते है। एवं आप ये सब भी अपने शाम के स्नैक्स के रूप ले सकते है जैसे की..
- उबले अंडे या एग सैंडविच
- मूँग स्प्राउट्स चाट
- नारियल पानी और सूखे मेवे
- पनीर टिक्का या ग्रिल्ड पनीर सैंडविच
- वेजिटेबल सूप
4. रात का खाना (7:00–8:30 PM)
प्रेगनेंसी में आपको रात के समय हल्का भोजन करना चाहिए ताकि उसे पचाने में कोई दिक्कत न हो।
- वेज पुलाव या दाल-खिचड़ी
- पनीर या टोफू की सब्जी
- तंदूरी रोटी और मिक्स वेज
- हल्का सलाद और रायता
- गाजर का हलवा या सेब का खीर
गर्भावस्था में संतुलित आहार का महत्व (Balanced Diet During Pregnancy)
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, गर्भावस्था में प्रोटीन की दैनिक आवश्यकता 78g होती है। गर्भावस्था के दौरान सही आहार लेना काफी अधिक जरूरी है, क्योंकि यह ना केवल माँ के स्वास्थ्य के लिए जरुरी होता है, बल्कि माँ के गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए भी अत्यधिक आवश्यक होता है। प्रेगनेंसी में हर महिला को संतुलित आहार (balanced diet) लेना काफी जरूरी है,
आईसीएमआर ने डाइटरी गाइडलाइन (ICMR Dietary Guidelines) शेयर की हैं, जिसमें गर्भवती महिलाओं के लिए भी सही डाइट के बारे में बताया गया है।

- गर्भावस्था के दौरान शारीर में ऊर्जा को बनाए रखने के लिए आहार लेना काफी जरूरी होता है
- स्वस्थ आहार स्ट्रेस को भी कम करने में मदद करता है
- संतुलित आहार लेने से गर्भपात होने की जोखिम कम हो जाता है
- स्वस्थ भोजन इम्यूनिटी को काफी बढ़ावा देता है
इसलिए, महिला को प्रेगनेंसी के दौरान संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेना उन्हें काफी जरूरी होता है। हमारे Pregnancy Diet Plan in Hindi के साथ हम आपके लिए कुछ टिप्स भी लेकर आए हैं, कि प्रेगनेंसी में क्या खाएं
प्रेगनेंसी में क्या खाएं? (Pregnancy Me Kya Khaye)
गर्भवती होने के बाद हर महिला अपनी डाइट में स्वस्थ और पौष्टिक चीजें शामिल करना चाहती है ताकि वह स्वस्थ रहें और उनका शिशु तंदुरुस्त और मजबूत पैदा हो। आइए जानते हैं कि प्रेगनेंसी में क्या खाएं (Pregnancy Me Kya Khaye) और कौन-कौन से आहार आपके और आपके बच्चे के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
प्रेगनेंसी में खाने के लिए आवश्यक पोषक तत्व
1. हरी पत्तेदार सब्जियां
- पालक, ब्रोकोली, मेथी जैसी सब्ज़ियाँ आयरन, फोलिक एसिड और फाइबर से भरपूर होती हैं।
- ये माँ और शिशु दोनों के लिए बेहद ज़रूरी पोषण देती हैं।
2. फल और उनका रस
- संतरा, सेब, केला जैसे फल विटामिन, मिनरल्स और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं।
- डॉक्टर सलाह देते हैं कि दिन में कम से कम 2–3 फल ज़रूर खाएं।
3. अनाज
- गेहूं, जौ, रागी, ओट्स और बाजरा शिशु के विकास में सहायक होते हैं।
- ये लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं।
4. प्रोटीन युक्त
- अंडे, मछली, दालें और पनीर प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत हैं।
- प्रोटीन शिशु की मांसपेशियों और दिमाग़ के विकास में मदद करता है।
5. डेयरी प्रोडक्ट्स
- दूध, दही, छाछ और घी कैल्शियम और विटामिन-D से भरपूर होते हैं।
- ये बच्चे की हड्डियों और माँ की सेहत के लिए ज़रूरी हैं।
📌 Tip: अपने डाइट चार्ट को सही से manage करने और कैलोरी intake चेक करने के लिए हमारा Pregnancy Calculator इस्तेमाल करें।
प्रेगनेंसी के हर महीने के लिए डाइट प्लान (Indian Pregnancy Diet Chart Month by Month)
प्रेगनेंसी के दौरान सही आहार लेना बहुत जरूरी है। यह आपके और आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर बड़ा असर डालता है। एक सामान्य महिला को रोजाना 1800 कैलोरी की जरूरत होती है, जबकि एक गर्भवती महिला को रोजाना 2200 कैलोरी की आवश्यकता होती है।
Pregnancy Diet Chart Month by Month में हर महीने गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए आवश्यक आहार के बारे में जानकारी दी गई है। 🌿 इस डाइट चार्ट को PDF में डाउनलोड करें! 🌿 और 1 से 9 महीने तक का पूरा आहार प्लान एक क्लिक में पाएं। अभी डाउनलोड करें
| महीना | पोषण फोकस | खाने योग्य आहार | बचने योग्य आहार |
|---|---|---|---|
| पहला महीना | फॉलिक एसिड, विटामिन B6 | पालक, दाल, दूध, केला, सीजनल फल (सेब, संतरा) | कच्चा पपीता, अनानास, अधपका अंडा |
| दूसरा महीना | प्रोटीन, कैल्शियम | मछली (सैल्मन), पनीर, दही, हरी सब्जियाँ | उच्च मर्क्युरी वाली मछली (शार्क, टूना) |
| तीसरा महीना | आयरन, एंटीऑक्सीडेंट | ब्रोकली, अंडे, पत्तेदार सब्जियाँ, संतरा, सीजनल फल | कैफीन, तला-भुना भोजन |
| चौथा महीना | फाइबर, पाचन स्वास्थ्य | ओट्स, केला, तरबूज, अमरूद, कीवी, फ्रूट सलाद, छाछ | मसालेदार भोजन, जंक फूड |
| पांचवा महीना | प्रोटीन, कैल्शियम | दलिया, सूजी की खीर, हरी सब्जियाँ, रोटी, दाल | कच्चा या अधपका मांस |
| छठा महीना | ओमेगा-3, कार्बोहाइड्रेट | बीन्स, अंडे, टोफू, सालमन मछली, चावल, आलू | प्रोसेस्ड फूड, अत्यधिक नमक |
| सातवां महीना | आयरन, विटामिन-सी | अखरोट, अलसी, पालक, खोआ, लाल मांस (पका हुआ), सोयाबीन | कच्चा समुद्री भोजन, कच्ची अंकुरित दालें |
| आठवां महीना | विटामिन B12, हाइड्रेशन | दही, फ्रूट सलाद, हरी सब्जियाँ, नारियल पानी, भीगे हुए बादाम | तेल-मसाले वाला भोजन, सोडा |
| नौवां महीना | आयरन, विटामिन-सी | नारियल पानी, हल्दी वाला दूध, लहसुन, अदरक, विटामिन-सी युक्त फल (आँवला, संनौवां महीना तरा) | पैकेज्ड जूस, अधिक मिठाई |
प्रेग्नेंट महिला की सही जीवनशैली (Healthy Lifestyle for Pregnant Women)
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करने की खास जरूरत होती है। अच्छी आदतें आपके बच्चे की वृद्धि और विकास पर लंबे समय तक सकारात्मक प्रभाव डालती हैं।
- व्यायाम : प्रेगनेंसी के दौरान डॉक्टर से परामर्श करके हल्का फुल्का व्यायाम जरूरी करें।
- तनाव से बचाव : तनाव को कम करने के लिए मेडिटेशन जरुर करें और साथ ही साथ पर्याप्त नींद जरुर लें।
- संतुलित आहार : प्रेगनेंसी में खान- पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए, थोड़े थोड़े अंतराल में कुछ खाते रहना चाहिए
- दवाइयों का सेवन : गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाइयों का समय पर सेवन करें।
- यात्रा से बचाव : गर्भावस्था के दौरान लंबी यात्रा करने से बचें, अगर यात्रा करना जरूरी हो तो डॉक्टर से परामर्श करें।
प्रेगनेंसी में सही समय पर भोजन का महत्व (Importance of Meal Timing)
प्रेगनेंसी के दौरान सही समय पर भोजन करना बहुत जरूरी है। यह न केवल माँ के स्वास्थ्य के लिए, बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है।
- ऊर्जा का स्तर बनाए रखना
- भोजन का पाचन
- मूड को सुधारना
- वजन का सही नियंत्रण
प्रेगनेंसी डाइट के लिए सुझाव (Diet Tips)
- कोशिश करें कि आप दिन में तीन टाइम मुख्य भोजन करे और कम से कम दो से तीन बार स्नैक्स जरुर करे ।
- फल, सब्जियाँ, और साबुत अनाज का भी जरुर सेवन करें।
- पानी पीना बिलकुल भी न भूलें, इससे हाइड्रेशन में भी अच्छा रहता है।
प्रेगनेंसी में क्या न खाएं? (Pregnancy Foods to Avoid in Hindi)
गर्भावस्था के दौरान कुछ खाद्य पदार्थ माँ और शिशु दोनों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए सही डाइट के साथ यह जानना भी ज़रूरी है कि प्रेगनेंसी में क्या न खाएं (Foods to Avoid in Pregnancy)
1. कैफीन और अल्कोहल (Caffeine and Alcohol)
- अधिक कैफीन लेने से ब्लड प्रेशर और हृदय गति बढ़ सकती है।
- अल्कोहल शिशु के विकास पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
2. कच्चे या अधपके अंडे और मांस (Undercooked Meat and Eggs)
- इनमें सैल्मोनेला बैक्टीरिया हो सकता है, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनता है।
- हमेशा अच्छी तरह पका हुआ अंडा और मांस ही खाएं।
3. पपीता और अनानास
- इन फलों में ऐसे तत्व होते हैं जो गर्भाशय को उत्तेजित कर सकते हैं।
- इससे गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए पपीता, कटहल और अनानास से बचें।
4. तली-भुनी और जंक फूड्स (Fried and Junk Foods)
- यह गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएँ बढ़ाते हैं।
- अत्यधिक मसालेदार और तली हुई चीज़ों से परहेज करें।
5. प्राकृतिक और प्रोसेस्ड फूड (Processed and Packaged Foods)
- इनमें प्रिज़र्वेटिव्स, नमक और वसा की मात्रा अधिक होती है।
- यह हाई ब्लड प्रेशर और अनावश्यक वजन बढ़ाने का कारण बन सकते हैं।
📌 Note: अगर आपको किसी फल या भोजन को लेकर कन्फ्यूजन है, तो सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से राय ज़रूर लें।
गर्भावस्था के दौरान आहार संबंधी विशेष सुझाव
- दिन में छोटे-छोटे meals लें – हर 3 घंटे पर कुछ खाएं
- भरपूर पानी पिएं – कम से कम 8-10 गिलास रोज
- डॉक्टर के अनुसार सप्लीमेंट लें – फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम
- ज़्यादा तली चीज़ों और मिठाइयों से बचें
- तनाव कम करें और भरपूर नींद लें
निष्कर्ष
हम आशा करते हैं कि यह Pregnancy Diet Chart in Hindi 2026 आपके लिए उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी लेकर आया होगा। गर्भावस्था के दौरान सही और संतुलित आहार लेना न सिर्फ माँ के स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है, बल्कि बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में भी अहम भूमिका निभाता है।
👉 यदि आपको गर्भावस्था के दौरान डाइट, पोषण या किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत मेडिकल सलाह की आवश्यकता है, तो आप Patna की अनुभवी IVF Specialist, Dr. Rashmi Prasad से परामर्श ले सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रेगनेंसी में भोजन कितनी बार करना उचित होता है?
प्रेगनेंसी में 3 से 4 घंटे के अंतराल में पोषक तत्वों से भरपूर भोजन आपको लेना चाहिए। भोजन ऐसा होना चाहिए जो आसानी से पच सके। प्रेगनेंसी के दौरान 10 से 12 किलो वजन बढ़ना आम बात है इसलिए खाने पीने में आपको संकोच नही करना चाहिए ।
क्या प्रेगनेंसी के दौरान मुझे सप्लीमेंट्स लेने चाहिए?
जी, हां आपको प्रेगनेंसी के दौरान आपको कुछ सप्लीमेंट जरूरी पर सकता है, लेकिन बिना डॉक्टर से परामर्श किये आपको कोई भी प्लीमेंट का सेवन नही करना चाहिए।
प्रेगनेंसी में सुबह उठकर क्या खाना चाहिए
प्रेगनेंसी में आपको मॉर्निंग टाइम पे मॉर्निंग सिकनेस होना आम बात है इसलिए सुबह उठकर आपको एक गिलास गाय के दूध का सेवन करना चाहिए जिस से आपको मॉर्निंग सिकनेस में राहत मिलती है।
प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में क्या नहीं खाना चाहिए?
प्रेगनेंसी में पपीता, कटहल, ओयली और मसालेदार भोजन से से दूर रहना चाहिए। साथ ही पैकेज्ड फूड से भी आप दूर रहें।
प्रेगनेंसी में सबसे ज्यादा क्या खाना चाहिए?
प्रेगनेंसी में आपको आसानी से पच सके वैसे हीं आहार का सेवन करना चाहिए । एक हीं बार में ज्यादा खाने की जगह थोडे थोडे अंतराल में आपको खाना चाहिए । डायबिटीज़ के जोखिम से बचने के लिए मिठाई और शुगर का ज्यादा सेवन करने से आप बचें।
प्रेगनेंसी में मुझे कितनी कैलोरी लेनी चाहिए?
एक सामान्य महिला को रोजाना 1800 कैलोरी की जरूरत होती है, जबकि गर्भवती महिलाओं को लगभग 2200 कैलोरी लेनी चाहिए।
क्या प्रेगनेंसी में मछली खाना ठीक है?
हाँ, लेकिन हफ्ते में 2 बार से ज्यादा नहीं। सैल्मन और रोहू मछली सुरक्षित हैं, पर शार्क और टूना न खाएं।
क्या मुझे प्रेगनेंसी में जंक फूड से बचना चाहिए?
हाँ, जंक फूड से बचना चाहिए क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। इसकी जगह पौष्टिक आहार लेना चाहिए।
1 to 3 month Pregnancy Diet Chart in Hindi
गर्भावस्था के पहले तीन महीने बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीनों में शरीर को कई जरूरी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जैसे फॉलिक एसिड, आयरन, प्रोटीन, और कैल्शियम।
Pregnancy Diet Chart Month by Month Pdf
गर्भावस्था के दौरान सही आहार आपकी और आपके शिशु की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। एक संतुलित भोजन चार्ट शिशु के सही विकास और आपको स्वस्थ रखने में काफी मदद कर सकता है। इसलिए Pregnancy Diet Chart का PDF बना ले जो आपको संपूर्ण डाइट योजना प्रदान करेगा, जिसमें पोषक तत्वों से भरपूर व्यंजनों की सूची भी होगी।
प्रेगनेंसी में सुबह खाली पेट कौन सा फल खाना चाहिए?
प्रेगनेंसी में आपको सुबह खाली पेट केला, सेब, अनार, या संतरा खाना काफी फायदेमंद होता है। ये फल शरीर को ऊर्जा और पोषण देते हैं और पाचन को भी बेहतर बनाते हैं।



