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Hemorrhagic Cyst in Hindi: हेमोरेजिक सिस्ट क्या है? लक्षण और इलाज

Hemorrhagic Cyst in Hindi महिलाओं में पाई जाने वाली एक आम ओवेरियन सिस्ट है, जो तरल पदार्थ और खून से भरी होती है। यह सिस्ट आमतौर पर हानिरहित होती है और कई बार इसके लक्षण भी नजर नहीं आते। ओवेरियन सिस्ट के कई प्रकार होते हैं, लेकिन हेमोरेजिक सिस्ट खासतौर पर उन महिलाओं में देखी जाती है, जिनका मेनोपॉज शुरू नहीं हुआ है।

पटना की जानी-मानी महिला रोग विशेषज्ञ, Dr. Rashmi Prasad (Infertility & IVF Specialist) at Diwya Vatsalya Mamta IVF के 20+ वर्षों के अनुभव के आधार पर, इस लेख में आपको Hemorrhagic Cyst Meaning in Hindi, इसके लक्षण, कारण और इलाज से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी सरल भाषा में मिलेगी, ताकि आप अपने स्वास्थ्य के लिए सही निर्णय ले सकें।

 हेमोरेजिक सिस्ट क्या है? (Hemorrhagic Cyst Meaning in Hindi)

हेमोरेजिक सिस्ट (Hemorrhagic Cyst in Hindi) एक प्रकार की ओवेरियन सिस्ट है, जिसमें तरल पदार्थ के साथ-साथ खून भी भरा होता है। यह आमतौर पर फंक्शनल सिस्ट होती है, यानी यह किसी बीमारी के कारण नहीं, बल्कि ओवुलेशन (अंडोत्सर्ग) की सामान्य प्रक्रिया के दौरान बनती है।

अधिकतर मामलों में हेमोरेजिक सिस्ट उन महिलाओं में देखी जाती है, जिनका मेनोपॉज (Menopause) शुरू नहीं हुआ होता है और जो पहले मां बन चुकी हैं। 

हेमोरेजिक सिस्ट के कारण (Causes of Hemorrhagic Cyst in Hindi)

1. कॉर्पस ल्यूटियम में ब्लीडिंग

पीरियड्स के दौरान प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए शरीर में कॉर्पस ल्यूटियम नामक अंग का निर्माण होता है। जब कॉर्पस ल्यूटियम में अत्यधिक ब्लीडिंग होता है तब हेमोरेजिक ओवेरियन सिस्ट का निर्माण होता है।

2. अंडा रिलीज न होना

जब अंडाशय से अंडा रिलीज नहीं होता है तब सिस्ट का निर्माण होता है। ऐसे में इस सिस्ट में ब्लीडिंग होता है जो हेमोरेजिक ओवेरियन सिस्ट का कारण बनता है।

3. हार्मोनल असंतुलन

हार्मोनल असंतुलन होने पर ओवेरियन सिस्ट बनने लगती है जो हेमोरेजिक सिस्ट बनने की संभावना रहती है।

हेमोरेजिक सिस्ट के लक्षण (Symptoms of Hemorrhagic Cyst in Hindi)

हेमोरेजिक सिस्ट के लक्षण सभी महिलाओं में भिन्न हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। हालांकि कुछ महिलाओं में इसके संकेत दिखने मिल सकतें हैं, जो निम्नलिखित हैं:

  • अनियमित पीरियड्स
  • सेक्स के दौरान दर्द होना
  • पेट के निचले हिस्से में भारीपन महसूस होना
  • पेट की एक साइड में असुविधा
  • पीठ के निचले हिस्से में और पेल्विक में दर्द होना
  • युरीन या टोयलेट जाते वक्त दर्द होना
  • सीने में जलन
  • कब्ज़
  • मतली और उल्टी होना

गंभीर मामलों में या सिस्ट के फटने पर इंटर्नल ब्लीडिंग यानी हेमोपेरिटोनियम जैसे संकेत देखने को मिल सकते हैं। सही इलाज और बेहतर मार्गदर्शन के लिए अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। अगर आपको हेमोरेजिक सिस्ट (Hemorrhagic Cyst in Hindi) या ओवेरियन सिस्ट से जुड़ी कोई भी चिंता है, तो आप पटना की जानी-मानी IVF Specialist, Dr Rashmi Prasad से परामर्श कर सकती हैं। 

दाएं और बाएं अंडाशय में हेमोरेजिक सिस्ट (Left-Right Ovarian Hemorrhagic Cyst in Hindi)

सभी महिलाओं में अंडाशय एक जोड़ी में होता है। ऐसे में हेमोरेजिक सिस्ट अंडाशय (ओवरी) के किसी भी साईड हो सकता है। ओवेरियन सिस्ट वैसे तो हानिरहित होते हैं लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर हो सकते हैं ऐसे में डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है। कुछ मामलों में सिस्ट कैंसर युक्त ट्यूमर में भी परावर्तित हो सकती है। सिस्ट वैसे तो अपने आप ठीक हो जाते हैं लेकिन अगर ठीक न हो तो डॉक्टर दवाएं या फिर सर्जरी का सुझाव दे सकते हैं।

हेमोरेजिक सिस्ट का निदान (Diagnosis of Hemorrhagic Cyst in Hindi)

अगर किसी महिला में हेमोरेजिक सिस्ट के लक्षण दिखाई देते हैं और डॉक्टर को ओवेरियन सिस्ट का संदेह है तो ऐसे में वे पेल्विक या इंट्रावेजिनल अल्ट्रासाउंड की सलाह दे सकते हैं। अल्ट्रासाउंड में अंदरूनी अंगों की जांच की जाती है। हेमोरेजिक ओवेरियन सिस्ट के निदान के लिए अल्ट्रासाउंड एक अच्छा विकल्प है। इसकी मदद से डॉक्टर सिस्ट के आकार, स्थान, आंतरिक संरचना जैसे ठोस, तरल पदार्थ से भरा या मिश्रित इत्यादि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

कभी कभी डॉक्टर कलर डॉपलर अल्ट्रासाउंड का उपयोग भी करते हैं। जिसकी मदद से ओवेरियन के आसपास की जांच की जा सकती है, इतना ही नहीं सिस्ट कैंसर युक्त है या नहीं इसका पता लगाने में भी मदद करता है। अल्ट्रासाउंड के आलावा रेडियोलॉजी, यूएसजी के जरिए भी निदान किया जा सकता है।

हेमोरेजिक सिस्ट का इलाज (Hemorrhagic Cyst Treatment in Hindi)

अगर किसी महिला के सिस्ट का आकार 5 सेंटीमीटर से कम है और कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं तो ऐसे में यह सिस्ट अपने आप ठीक होने की संभावना रहती है ऐसे में डॉक्टर प्रतिक्षा करने के लिए कह सकते हैं। ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिसमें हेमोरेजिक सिस्ट सिर्फ 6 सप्ताह में अपने आप ठीक हो गए हो।

और अगर किसी महिला के सिस्ट का आकार 5 सेंटीमीटर से अधिक है और गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं तो ऐसे में डॉक्टर सर्जरी का सुझाव दे सकते हैं, जिसके माध्यम से सिस्ट को हटाया जाता है। अधिकांश मामले में डॉक्टर लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (Laparoscopic Surgery ) पसंद करते हैं।

कुछ दुर्लभ मामलों में ओवरी को हटाना आवश्यक हो जाता है ऐसे में डॉक्टर ऊफोरेक्टॉमी के माध्यम से अंडाशय को हटाने का सुझाव देते हैं।

हेमोरेजिक सिस्ट और प्रेग्नेंसी (Hemorrhagic Cyst and Pregnancy in Hindi)

हेमोरेजिक सिस्ट की स्थिति में भी महिला सफलतापूर्वक गर्भधारण कर सकती हैं। यह एक ओवेरियन सिस्ट हीं है जिसकी थैली में तरल पदार्थ की जगह रक्त भरा होता है। महिला के प्रजनन समय में सिस्ट का होना आम बात है, इतना ही नहीं गर्भाधारण के समय भी यह सिस्ट पैदा हो सकती है। अधिकांश मामलों में यह किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं करते हैं। यह अपने आप ठीक हो जाते हैं और इसके लिए किसी भी इलाज की आवश्यकता नहीं है।

गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई बदलाव आते हैं और कई बार इन बदलावों की वजह से ही सिस्ट का निर्माण होता है। इसकी वजह से कभी कभी असुविधा और दर्द का सामना करना पड़ सकता है लेकिन यह हानिरहित होते हैं।

निष्कर्ष

Hemorrhagic Cyst in Hindi एक आम लेकिन अक्सर अनदेखी जाने वाली समस्या है, जो कई बार बिना किसी लक्षण के भी हो सकती है। हालांकि अधिकतर मामलों में यह सिस्ट खुद-ब-खुद ठीक हो जाती है, लेकिन अगर आपको बार-बार पेट दर्द, अनियमित पीरियड्स या असामान्य ब्लीडिंग जैसी समस्याएं महसूस हों, तो इसे नजरअंदाज न करें।

अगर आपको अपनी सेहत को लेकर कोई भी सवाल या शंका है, तो पटना का बेस्ट IVF हॉस्पिटल Diwya Vatsalya Mamta IVF में आकर Dr. Rashmi Prasad से संपर्क करे।

अपनी सेहत के लिए सही कदम उठाएं—आज ही विशेषज्ञ से सलाह लें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

हेमोरेजिक सिस्ट के कारण पेट में दर्द क्यों होता है?

हेमोरेजिक सिस्ट के मुड़ ने पर या फिर फटने से पेट में दर्द महसूस हो सकता है, ऐसे में तुरंत हीं डॉक्टर से संपर्क करें  

हेमोरेजिक ओवेरियन सिस्ट कितनी सीरियस है?

हेमोरेजिक ओवेरियन सिस्ट आमतौर पर हानिरहित होती है और बिना किसी इलाज के अपने आप ठीक हो जाती है, हालांकि की गंभीर दर्द और इंटर्नल ब्लीडिंग होने पर तुरंत इलाज की जरूरत पड़ सकती है।

हेमोरेजिक ओवेरियन सिस्ट का नेचुरल ट्रीटमेंट क्या है?

हेमोरेजिक सिस्ट अपने आप ठीक हो जाते हैं, इसके लिए आमतौर पर किसी भी ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं पड़ती है।

हेमोरेजिक ओवेरियन सिस्ट कितने समय तक रहती है?

आमतौर पर हेमोरेजिक ओवेरियन सिस्ट 6 से 7 सप्ताह तक रहती है और फिर अपने आप ठीक हो जाती है। हालांकि डॉक्टर नियमित अल्ट्रासाउंड के जरिए निगरानी कर सकते हैं।

क्या हेमोरेजिक सिस्ट से गर्भधारण करने में दिक्कत आ सकती है?

नहीं, हेमोरेजिक सिस्ट होने के बावजूद भी गर्भधारण किया जा सकता है, इतना ही नहीं कुछ मामलों में गर्भधारण के दौरान भी हेमोरेजिक सिस्ट का निर्माण हो सकता है, लेकिन यह मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए हानिरहित है।

क्या जीवनशैली में बदलाव से हेमोरेजिक सिस्ट की समस्या कम हो सकती है?  

जीवनशैली में बदलाव से हेमोरेजिक सिस्ट का कोई सीधा संबंध नहीं है, हालांकि अधिक मात्रा में डायट्री फैट की वजह से ओवेरियन का कार्य बाधित हो सकता है।

क्या हेमोरेजिक ओवेरियन सिस्ट अपने आप ठीक हो सकता है?

हां, अधिकांश मामलों में हेमोरेजिक ओवेरियन सिस्ट अपने आप ठीक हो जाता है  

क्या हेमोरेजिक सिस्ट से प्रेग्नेंसी में दिक्कत होती है?

अधिकांश मामलों में नहीं, लेकिन अगर सिस्ट का आकार बड़ा है या दर्द ज्यादा है तो डॉक्टर से सलाह लें।

मेडिकल डिस्क्लेमर

यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी भी मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं है। हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए इलाज से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले एक योग्य fertility specialist से ज़रूर परामर्श लें।

Infertility, IVF, IUI या संबंधित इलाज के बारे में personalized guidance के लिए किसी experienced fertility doctor से professional consultation ज़रूर लें।

Dr. Rashmi Prasad - Senior IVF Specialist

Dr. Rashmi Prasad

Director & Senior IVF Specialist · 25+ Years Experience

MBBS DGO DNB PG-ART · University of Kiel, Germany 🇩🇪

🏥 Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, Patna, Bihar

Dr. Rashmi Prasad is one of Bihar’s most trusted infertility and gynecology specialists, with over 25 years of clinical experience. As Director of Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre (Patna), she has helped thousands of couples achieve parenthood through ethical, personalized IVF and reproductive care. Her advanced training in Reproductive Science from University of Kiel, Germany brings international fertility standards to patients across Bihar.

🏆 Awards & Recognition

  • 🏆 Asia’s Greatest IVF Specialist — 2017
  • 🎉 National Fertility Award — 2022
  • Health Icon of Bihar — 2025
  • 🏅 Icon of Bihar — Outlook 2013
  • 🏅 IFS-Meyer Achievers Award
  • 🏅 Bihar Healthcare Excellence Award
  • 🏆 Mirchi Excellence Award — 2024

🩺 Specializations

IVF Treatment ICSI IUI Male Infertility High-Risk Pregnancy Gynaecology Laparoscopic Surgery

Dr. Rashmi Prasad

Dr. Rashmi Prasad is one of Bihar’s most trusted infertility and gynaecology specialists, with over 25 years of clinical experience. As Director of Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, Patna, she has helped thousands of couples achieve parenthood through ethical, personalised IVF and reproductive care. She holds an MBBS, DGO and DNB, along with a PG-ART (Post Graduate in Assisted Reproductive Technology) from the University of Kiel, Germany. Her expertise covers IVF, ICSI, IUI, male infertility, high-risk pregnancy and laparoscopic surgery. Dr. Prasad has received several honours, including Asia’s Greatest IVF Specialist (2017), Icon of Bihar (2013), National Fertility Award (2022), Health Icon of Bihar (2025) and the Mirchi Excellence Award (2024).

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