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Urine Infection Symptoms in Hindi : जानिए Urine Infection के लक्षण

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यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (Urine Infection Symptoms in Hindi) यूरिनरी सिस्टम में होने वाला एक आम संक्रमण है। आमतौर पर ब्लेडर और यूरेथ्रा में यह इंफेक्शन होता है लेकिन किडनी में होने वाला इंफेक्शन ज्यादा गंभीर होता है। ब्लेडर इंफेक्शन की वजह से पेल्विक पेन, बार-बार यूरिन जाना और यूरिनेशन के वक्त दर्द होना या ब्लीडिंग आना यूरिन इंफेक्शन के संकेत हैं। हमारी किडनी ब्लड से अतिरिक्त पानी और वेस्ट प्रोडक्ट को निकालकर यूरिन बनाती है। आमतौर पर यूरिन बिना किसी अवरोध के यूरिनरी सिस्टम से गुज़रता है, लेकिन जब बैक्टीरिया आपके यूरिनरी सिस्टम में प्रवेश करते हैं तब UTI की स्थिति पैदा हो सकती है।

Urine Infection के लक्षण क्या है? (Urine Infection Symptoms in Hindi)

यूरिन इंफेक्शन के लक्षण निम्नलिखित हैं।

  • यूरिन जाते वक्त जलन होना
  • बार-बार यूरिन जाने की इच्छा होना
  • यूरिन में खून आना या तेज दुर्गंध आना
  • थकावट महसूस होना
  • पुरुष के पिनस या रेक्टम में दर्द होना, महिलाओं में पेल्विक दर्द
  • कमर दर्द, भूख न लगना
  • मितली, बार-बार बुखार आना
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द होना
  • निंद में बिस्तर गीला होना
  • यूरिन पास करने में तकलीफ़ होना

यूरिन इंफेक्शन के प्रकार (Types of Urine Infection in Hindi)

यूरिन इंफेक्शन प्रमुख तीन प्रकार के होते हैं – सिस्टिटिस, पायलोनेफ्राइटिस और यूरेथ्राइटिस।

• सिस्टिटिस : इसमें मूत्राशय और पेल्विक एरिया प्रभावित होता है, जिसकी वजह से बार-बार यूरिन जाना और यूरिन के दौरान दर्द होता है। लाइफस्टाइल में बदलाव और पेन किलर की मदद से इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है।

• पायलोनेफ्राइटिस : इसमें बैक्टीरिया या वायरस की वजह से किडनी में संक्रमण होता है। शरीर का तापमान बढ़ना, मतली, पीठ दर्द पाइलोनेफ्राइटिस के संकेत है। इसका सहीं समय पर इलाज न किया जाए तो किडनी में और जटिल समस्याएं हो सकती है।

• यूरेथ्राइटिस : इसमें मूत्रमार्ग में सूजन आ जाती है और यूरिन के समय तेज दर्द होता है। बैक्टीरिया के द्वारा संक्रमण की वजह से यह स्थिति पैदा होती है। बार-बार यूरिन जाना, यूरिन पास करने में दिक्कत आना इसके लक्षण है। इसे एंटीबायोटिक दवाओं से ठीक किया जा सकता है।

यूरिन इंफेक्शन के कारण (Causes of Urine Infection in Hindi)

ई-कोलाई बैक्टीरिया की वजह से यूरिन इंफेक्शन होता है। इसके अलावा निम्नलिखित कारण भी यूरिन इंफेक्शन के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

  • प्रजनन अंगों की ठीक से सफाई न करने पर
  • यूरिन रोकने की आदत पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने पर
  • डायबिटीज़ की वजह से
  • महिलाओं में मेनोपॉज के बाद
  • गर्भनिरोधक दवाएं और एंटिबायोटिक्स दवाएं का ज्यादा इस्तेमाल करने पर
  • असुरक्षित सेक्स करना
  • किडनी में स्टोन होना
  • गर्भवती महिलाओं में भी यूरिन इंफेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है
  • इम्यून सिस्टम कमजोर होना
  • सेक्स करने के बाद यूरिन न जाना
  • सॉफ्ट ड्रिंक या शराब का सेवन करना

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यूरिन इंफेक्शन से कैसे बचें (How to Prevent Urine Infection in Hindi)

  • यूरिन पास करने के बाद अपने अंगों की अच्छे से सफाई करें।
  • स्वस्थ शौचालय का इस्तेमाल करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
  • सेक्स से पहले अपने अंगों की अच्छे से सफाई करें।
  • गर्भनिरोधक दवाएं का कम इस्तेमाल करें।
  • कॉटन अंडरवियर का इस्तेमाल करें।
  • पीरियड्स के दौरान टैम्पोन की जगह सेनेटरी पेड का इस्तेमाल करें।

यूरिन इंफेक्शन के जोखिम (Risk Factors of Urine Infection in Hindi)

  • यूरिन इंफेक्शन के लिए कभी कभी मूत्रमार्ग की संरचना भी जिम्मेदार हो सकती है।
  • इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर भी इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
  • किडनी में स्टोन होना
  • शुक्राणुनाशक भी यूरिन इंफेक्शन के जोखिम को बढ़ा सकता है।
  • नॉन-लुब्रिकेटेड कंडोम का इस्तेमाल करना
  • मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन के स्तर में कमी होना

यूरिन इंफेक्शन का इलाज (Treatment of Urine Infection in Hindi)

यूरिन इंफेक्शन को लाइफस्टाइल बदलकर या फिर घरेलू उपाय से भी ठीक किया जा सकता है, इसके अलावा एंटिबायोटिक्स दवाएं भी कारगर साबित होती है। लेकिन किसी भी उपाय से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।

यूरिन से जुड़ी किसी भी समस्या को दूर करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। दिन भर में कम से कम 2 लीटर पानी पिएं।

यूरिन इंफेक्शन में राहत पाने के लिए नारियल का पानी पिएं।

यूरिन इंफेक्शन में बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए गन्ने का रस फायदेमंद होता है।

एक गिलास पानी में एक छोटा चम्मच बैंकिंग सोडा मिलाकर पीने से यूरिन पास करते वक्त हो रहे दर्द में राहत मिलती है।

• कच्चे दूध में बनी लस्सी में छोटी इलायची का पावडर मिलाकर पिएं।

इसके अलावा फल और सब्जियों का जूस, चावल का मांढ, पेठा और आंवले का मुरब्बा, छाछ का सेवन करें।

कई मामलों में एंटिबायोटिक दवाओं का भी सेवन करना पड़ सकता है।

• सेफलोस्पोरिन्स या नॉरफ्लॉक्स 400 का भी सेवन किया जा सकता है।

निष्कर्ष

यूरिन इंफेक्शन (Urine Infection Symptoms in Hindi) को आमतौर पर घरेलू उपाय से ठीक किया जा सकता है इसके अलावा कभी कभी डॉक्टर एंटिबायोटिक्स दवाएं का भी सुझाव दे सकते है। यूरिन इंफेक्शन से बचने के लिए प्रजनन अंगों की स्वच्छता पर ध्यान देना जरूरी है। इतना ही नहीं पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी इतना ही जरूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. UTI का मुख्य कारण क्या है?

UTI का मुख्य कारण ई-कोलाई बैक्टीरिया होता है, हालांकि कभी कभी दूसरे बैक्टीरिया भी जिम्मेदार हो सकते हैं।

Q2. यूरिन इन्फेक्शन होने पर क्या क्या प्रॉब्लम होती है?

यूरिन इंफेक्शन होने पर बार-बार यूरिन जाना, यूरिन पास करने में दर्द और जलन, यूरिन में खून आना या तेज दुर्गंध आना, थकावट महसूस होना, पुरुष के पिनस या रेक्टम में दर्द होना, महिलाओं में पेल्विक दर्द, कमर दर्द, भूख न लगना, मितली, बार-बार बुखार आना, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना, निंद में बिस्तर गीला होना जैसी समस्याएं हो सकती है।

Q3. यूरिन इन्फेक्शन की सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

कई मामलों में डॉक्टर एंटिबायोटिक दवाओं का सेवन करने के लिए कह सकते है। इसके अलावा सेफलोस्पोरिन्स या नॉरफ्लॉक्स 400 का भी सेवन किया जा सकता है।

Q4. यूरिन इन्फेक्शन का पता कैसे चलता है?

यूरिन इंफेक्शन होने पर बार-बार यूरिन जाना, यूरिन पास करने में दर्द और जलन, यूरिन में खून आना या तेज दुर्गंध आना, थकावट महसूस होना, पुरुष के पिनस या रेक्टम में दर्द होना, महिलाओं में पेल्विक दर्द होना यह यूरिन इंफेक्शन के आम संकेत है।

Q5. यूरिन इन्फेक्शन को ठीक करने का सबसे तेज़ तरीका क्या है?

पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, नारियल और गन्ने का रस पीना, कच्चा दूध की लस्सी, फल और सब्जियों का जूस, चावल का मांढ, पेठा और आंवले का मुरब्बा, छाछ का सेवन करने से यूरिन इंफेक्शन में राहत मिलती है।

Dr-Rashmi-Prasad

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