Female Infertility

Pelvis Meaning in Hindi: पेल्विस क्या है? लक्षण और उपचार

संक्षेप में (Quick Answer): मेरी OPD में बहुत सी महिलाएं “पेट के नीचे दर्द” लेकर आती हैं — जो असल में pelvic pain होता है। Pelvis (पेल्विस) पेट के नीचे कह hipbones से बना bowl-shape structure होता है, jismein bladder, rectum और महिलाओं में uterus + ovaries भी hote hain. महिलाओं में ये ज्यादा चौड़ा और kam gehra hota hai — pregnancy में बच्चे को space dene ke liye. Pelvic pain ke common causes: period, ovulation, UTI, endometriosis, fibroid, PID. Agar dard 2+ hafte se hai ya bukhaar/bleeding ke saath hai — turant doctor se milein. — Dr. Rashmi Prasad

Pelvis Meaning in Hindi: पेल्विस (Pelvis) शरीर के निचले हिस्से में स्थित वह मजबूत हड्डी-ढांचा है जो रीढ़ की हड्डी को पैरों से जोड़ता है और पेट के निचले अंगों — जैसे मूत्राशय, मलाशय और गर्भाशय (Uterus) एवं प्रजनन अंगों — की सुरक्षा करता है। पेल्विस न सिर्फ शरीर को स्थिरता और संतुलन देता है बल्कि बैठने, चलने, दौड़ने और प्रसव जैसे कार्यों में भी अहम भूमिका निभाता है।

Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, Patna की Senior IVF & Gynaecologist Dr. Rashmi Prasad (25+ वर्षों का अनुभव) महिलाओं के पेल्विक व प्रजनन स्वास्थ्य की जाँच और इलाज में मार्गदर्शन देती हैं। इस लेख में हम Pelvis Meaning in Hindi, पेल्विस की संरचना, सामान्य समस्याएँ (pelvic pain, pelvic inflammatory disease, pelvic organ prolapse), निदान व उपचार और घरेलू राहत के असरदार उपाय समझाएँगे।

पेल्विस का मतलब क्या है? (Pelvis Meaning in Hindi)

पेल्विस — जिसे पेल्विक रीजन भी कहा जाता है — शरीर के निचले हिस्से का वह anatomical क्षेत्र है जो हड्डियों (इलियम, इस्चियम, प्यूबिस), जोड़ (sacroiliac joints, pubic symphysis), मांसपेशियों (pelvic floor muscles) और कई अंगों का घर है। यह शरीर का weight-bearing और protective structure है जो reproduction व movement दोनों में मदद करता है।

पेल्विस की संरचना क्या है? (Structure of Pelvis Meaning in Hindi)

पेल्विस (Pelvis)  हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जो निचले अंगों को सहारा देता है, और साथ ही साथ पेल्विस महिलाओं की गर्भधारण और प्रसव मे भी महत्‍वपूर्ण भूमिका होती है। पेल्विस का संरचना महिलाओं मे चौड़ा और कम गहरा होता है इसलिए यह गर्भावस्‍था के दौरान शिशु को समर्थन देने के अनुकूल होता है। पेल्विस की संरचना कई हड्डियों, गतिशील जोड़ों, और मांसपेशियों की मिश्रण द्वारा बनी होती है। इसकी संरचना को चार भागो मे बांटा गया हैं, यहाँ पेल्विस की संरचना के मुख्य घटक दिए गए हैं:

  1. हड्डियाँ (Bones)
  2. जोड़ (Joints)
  3. मांसपेशियाँ (Muscles)
  4. अवयव (Organs)

पेल्विस का कार्य (Function of Pelvis in Hindi)

हमारे शरीर में पेल्विस की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। खड़े होना, बैठना, चलना इन सभी कार्यो में पेल्विस की भूमिका अहम है। पेल्विस महिला और पुरुष दोनों के प्रजनन अंगों को भी सुरक्षा प्रदान करता है। इसके दुसरे प्रमुख कार्य जो की निम्नलिखित हैं।

  • वज़न को सहारा देना : पेल्विस स्केलेटन से लेकर पेट की नीचे हिस्से के वज़न को सहारा देता है।
  • मसल्स को जोड़ना : पेल्विस शरीर की मूवमेंट के लिए जरूरी मसल्स और लिगामेंट्स को जोड़ता है।
  • संरक्षण देना : पेल्विस एब्डोमिनोपेल्विक और पेल्विक को संरक्षण प्रदान करता है।
  • प्रजनन (Reproduction): पेल्विस गर्भधारण और प्रसव के लिए महत्वपूर्ण है।
  • शारीरिक संतुलन (Postural Balance): पेल्विस शरीर के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

महिलाओं और पुरुषों में पेल्विस के अंतर (Differences in the Pelvis Between Men and Women)

महिलाओं और पुरुषों की शारीरिक संरचना में पेल्विस के कई महत्वपूर्ण अंतर होते हैं, आइये जानते है महिलाओं और पुरुषों के पेल्विस में मुख्य अंतर विस्तार से :

1. आकार और चौड़ाई (Size and Width): महिलाओं के पेल्विस का आकार पुरुषों की तुलना में चौड़ा और अधिक फैला हुआ होता है।

2. शेप (Shape): महिलाओं के पेल्विस का शेप अधिक गोल और कटोरे के आकार का होता है, जो प्रसव में मदद करता है, जबकि पुरुषों में यह मजबूत और स्थिरता प्रदान करता है।

3. हड्डियों की मोटाई (Bone Thickness): पुरुषों की पेल्विक हड्डियाँ मोटी और अधिक मजबूत होती हैं, महिलाओं की पेल्विक हड्डियाँ पतली और हल्की होती हैं।

पेल्विस में कौन-कौन से अंग होते हैं? (Organs in the Pelvis in Hindi)

पेल्विस में विभिन्न अंग होते है। अधिकांश अंग यूरिनरी (मूत्राशय) सिस्टम के होते हैं जैसे कि मूत्राशय, मलाशय, महिलाओं के शरीर में पेल्विस में गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब और अंडाशय जैसे महत्वपूर्ण अंग मौजूद होते हैं।

1. गर्भाशय (Uterus): गर्भाशय जो महिलाओं में गर्भधारण के लिए काफी महत्वपूर्ण अंग है। और इसके बारे में (अधिक जानकारी के लिए पढ़ें : गर्भाशय क्या है? लक्षण और उपचार )

2. अंडाशय (Ovaries): अंडाशय ये दो छोटे अंग हैं जो अंडाणुओं का उत्पादन करने में मदद करते हैं। एवं इसके बारे में (अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: ओवरी क्या है? लक्षण और उपचार)

3. फैलोपियन ट्यूब (Fallopian Tubes): फैलोपियन ट्यूब (Fallopian Tubes) ये अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ने वाली ट्यूब हैं ( अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: फैलोपियन ट्यूब क्या है? लक्षण और इलाज)

प्रजनन अंग (Reproductive Organs): पुरुषों में पेल्विस में टेस्टिस, शुक्राणु नलिका, और प्रोस्टेट ग्रंथि जैसे प्रजनन अंग होते हैं।

पेल्विस दर्द क्या है? (What is Pelvis Pain in Hindi)

पेल्विस दर्द (Pelvic Pain), एक आम समस्या है जो पेट निचले भाग या कूल्हे के आसपास होने वाला दर्द है जो कई कारणों से हो सकता है। यह दर्द हल्का से लेकर तेज़ तक हो सकता है और कुछ समय के लिए या लगातार बना रह सकता है। पेल्विस दर्द आमतौर पर महिलाओं में प्रजनन अंगों से जुड़ी संबंधित स्थितियों के कारण होता है। लेकिन पेल्विस दर्द पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होता है।

पेल्विस दर्द की समस्या और उनके कारण (Causes of Pelvis Pain in Hindi)

कभी कभी पेल्विस दर्द से जुड़ी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है, जो निम्नलिखित आपको दिख सकते हैं।

1. पैल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स : पैल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स में पेल्विस के अंग अपनी सामान्य स्थिति से खिसक जाते है जिस से आपको कई समस्याएं हो सकती हैं।

2. एंडोमेट्रियोसिस : एंडोमेट्रियोसिस में गर्भाशय के अंदरूनी हिस्से गर्भाशय के बहार फैलने लगते है। जिससे दर्द और अन्य समस्याएं आपको हो सकती हैं। ( अधिक जानकारी के लिए पढ़ें : एंडोमेट्रियोसिस क्या है? लक्षण और बचाव)

3. पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज (PID) : एक गंभीर संक्रमण है जो महिलाओं के प्रजनन अंगों को प्रभावित करता है। फैलोपियन ट्यूब एवं अंडाशय को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इसका समय पर ट्रीटमेंट करवाए

4. फाइब्रॉयडस : गर्भाशय फाइब्रॉयडस मांसपेशियों और टिशू से बनी ट्यूमर होती है, और फ़ाइब्रॉइड होने पर पेट में सूजन, दर्द, और बार-बार पेशाब आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ( अधिक जानकारी के लिए पढ़ें : फाइब्रॉयडस क्या हैं? लक्षण और उपचार )

5. UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन): यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन में यूरिन इंफेक्शन होने पर बार-बार यूरिन पास करने जाना पर सकता एवं यूरिन पास करने के समय आपको दर्द और जलन भी हो सकता है। ( अधिक जानकारी के लिए पढ़ें : जानिए यूरिन इंफेक्शन के लक्षण )

पेल्विस के लक्षण (Symptoms of Pelvis Meaning in Hindi)

पेल्विस में समस्या होने पर उसके लक्षण को पहचान कर तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

  • पेट या पेट के निचले हिस्से में दर्द होना
  • असामान्य वैजाइनल डिस्चार्ज
  • अनियमित पीरियड्स
  • सेक्स के दौरान दर्द
  • पेशाब करते समय दर्द होना
  • पाचन संबंधी समस्या
  • बुखार

पेल्विस की समस्याओं का निदान (Diagnosis of Pelvic Diseases)

यदि आपको इन में से पेल्विस की समस्याओं के संकेत दिखे तोह आपको डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। डॉक्टर आपको पेल्विस की समस्याओं से निदान करने के लिए निम्नलिखित परिक्षण का सुझाव आपको दे सकते हैं।

  • ब्लड टेस्ट
  • मूत्राशय संबंधी संक्रमण की जांच करने के लिए आपका यूरिन टेस्ट भी किया जायेगा
  • प्रजनन तंत्र की जांच करने के लिए अल्ट्रासाउंड करने बोला जायेगा
  • प्रजनन अंगो को नजदीक से देखने के लिए लैप्रोस्कोपी भी की जाएगी
  • एंडोमेट्रियल टिशू के सैंपल के लिए एंडोमेट्रियल बायोप्सी भी किया जाता है

पेल्विस का उपचार (Treatment of Pelvis in Hindi)

यदि आप पेल्विस की समस्या को दूर करने की सोच रहे है तो निम्नलिखित उपचार किए जा सकते हैं।

  • एंटीबायोटिक्स : तुरंत हीं पेल्विस की समस्या से राहत के लिए डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक्स दे सकते है। राहत मिलने पर डॉक्टर से बिना परामर्श का आप दवाईयां बंद न करें।
  •  संक्रमण की जांच : यौन संक्रमण के संकेत दिखने पर डॉक्टर आपके सेक्सुअल पार्टनर की जांच के लिए भी कह सकते हैं।
  • सेक्स से दूर रहें : जब तक उपचार खत्म न हो तब तक आपको सेक्स से दूर रहना चाहिए

👉 अगर दवाओं से लाभ न हो … डॉक्टर लैप्रोस्कोपिक सर्जरी (Laparoscopic Surgery) के अलावा व्यायाम, एक्सरसाइज या हार्मोनल थेरेपी, पेन किलर ये सब का भी डॉक्टर आपको सुझाव दे सकते हैं।

पेल्विस के दौरान आपका खान-पान

पेल्विस की समस्याओं में आराम पाने के लिए खान-पान में बदलाव करना भी आपको जरूरी है।

  • आपको अपने आहार में फाइबर, प्रोटीन, आयरन से भरपूर भोजन को शामिल करना चाहिए
  • फोलेट, विटामिन सी से भरपूर पालक का भी सेवन करें
  • हरि सब्जियां, फल, साबूत अनाज, ब्राउन राइस को भी अपने डायट में जरूर सामिल करे
  • पर्याप्त मात्रा में आपको पानी पीना चाहिए

पेल्विस दर्द को कम करने के घरेलू उपाय (Home Remedies for Pelvis Pain in Hindi)

पेल्विस दर्द की समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित कर सकती है। इसके कई कारण कई हो सकते हैं, आइये पेल्विस दर्द को कम करने के घरेलू उपाय को जानते है …

1. गर्म पानी से सेंक (Warm Compress): गर्म पानी से सेंकने पर पेल्विक दर्द पे काफी राहत मिलता है।

2. हल्का व्यायाम (Gentle Exercises): आपको हल्का व्यायाम और योग भी करना चाहिए , जो पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करेगा है और दर्द से राहत दिलाएगा

3. हर्बल चाय (Herbal Tea): अदरक और हल्दी का भी सेवन करे , जो आपको पेल्विक दर्द से राहत दिलाने में काफी सहायक हो सकती हैं।

4. हाइड्रेशन (Hydration): पर्याप्त मात्रा में आपको पानी पीना चाहिए जो शरीर में सूजन और दर्द को कम करने में आपको मदद करेगा।

5. संतुलित आहार (Balanced Diet): आपको अपने भोजन में पौष्टिक और संतुलित आहार को सामिल करना चाहिए जो आपको दर्द से राहत पाने में सहायक हो सकता है।

निष्कर्ष

इस ब्लॉग में हमने Pelvis Meaning in Hindi और इससे जुड़े जरूरी पहलुओं पर चर्चा की। पेल्विस (Pelvis) केवल हड्डियों का समूह नहीं — यह शरीर के संतुलन, मूवमेंट और प्रजनन स्वास्थ्य का आधार है। यदि आपको बार-बार पेट के निचले हिस्से में दर्द या पेशाब में जलन जैसे लक्षण दिखें तो इसे नज़रअंदाज़ न करें ।

दिव्य वात्सल्य ममता Top IVF Centre in Patna में हमारी टीम — Dr. Rashmi Prasad (Senior IVF & Gynaecologist, 25+ yrs experience) — पेल्विक कारणों का umfassend परीक्षण और व्यक्तिगत इलाज देती हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

पेल्विस क्या होता है?

Pelvis Meaning in Hindi का सही मतलब है पेट के नीचे के हिस्से को पेल्विस कहते हैं। पेल्विस में मूत्राशय, मलाशय और महिलाओं में अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, ओवरी, गर्भाशय ग्रीवा शामिल होती है। इसकी संरचना महिला और पुरुष दोनों में अलग-अलग होती है।

पेट और पेल्विस के बीच क्या अंतर होता है?

पेट के अन्दर यकृत जैसे अंग होते हैं जब कि पेल्विस पेट के नीचे का हिस्सा होता है, जिसमें यूरिनरी संबंधित अंग होते हैं। पेल्विस महिला और पुरुष के प्रजनन अंगो की भी सुरक्षा करता है।

पेल्विस में कब आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

जब आपको पेट के निचले हिस्से में जायदा दर्द हो रहा हो , या अनियमित पीरियड्स, सेक्स के दौरान अगर दर्द होता हो , पेशाब करते समय अगर दर्द हो रहा हो , पाचन संबंधी समस्या, तेज बुखार इन जैसे लक्षण दिखने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

पेल्विस में समस्या होने पर इसका निदान कैसे किया जाता है?

पेल्विस में समस्या की जांच करने के लिए बल्ड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, लैप्रोस्कोपी जैसे टेस्ट की जा सकती है।

पेल्विस से जुड़ी समस्याओं में क्या खाना चाहिए?

पेल्विस से जुड़ी समस्याओं की स्थिति में आपको फाइबर, प्रोटीन, आयरन से भरपूर भोजन लेना चाहिए , अपने डायट में हरी सब्जियां, फल, साबूत अनाज, ब्राउन राइस, दूध, दहीं को भी आपको शामिल करना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी भी पिएं।

पेल्विक दर्द के लक्षण क्या हो सकते हैं?

पेल्विस से जुड़ी समस्याओं में आपको पेट के निचले हिस्मेंसे में दर्द, पेशाब करते समय जलन, माहवारी के दौरान असामान्य दर्द, और सेक्स के दौरान ये सब लक्षण आपको दिख सकते हैं।

पेल्विस की देखभाल कैसे करें?

आपको संतुलित आहार लेना चाहिए एवं नियमित व्यायाम भी करना चाहिए और आपको पानी भरपूर मात्रा में पीना चाहिए जो आपको पेल्विस की देखभाल में काफी मदद करेगा।

पेल्विस की संरचना कैसे होती है?

पेल्विस की संरचना मुख्य रूप से तीन हड्डियों से मिलकर बनता है: इलियम, इस्कियम, और प्यूबिस। ये हड्डियाँ एक मजबूत संरचना बनाती हैं, जो शरीर के संतुलन और गति को भी समर्थन देती है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है — यह किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है — किसी भी इलाज, दवा या निर्णय से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें। Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, Patna में मुफ़्त परामर्श के लिए +91 97710 38137 पर संपर्क करें।

Dr. Rashmi Prasad - Senior IVF Specialist

Dr. Rashmi Prasad

Director & Senior IVF Specialist · 25+ Years Experience

MBBS DGO DNB PG-ART · University of Kiel, Germany 🇩🇪

🏥 Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, Patna, Bihar

Dr. Rashmi Prasad is one of Bihar’s most trusted infertility and gynecology specialists, with over 25 years of clinical experience. As Director of Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre (Patna), she has helped thousands of couples achieve parenthood through ethical, personalized IVF and reproductive care. Her advanced training in Reproductive Science from University of Kiel, Germany brings international fertility standards to patients across Bihar.

🏆 Awards & Recognition

  • 🏆 Asia’s Greatest IVF Specialist — 2017
  • 🎉 National Fertility Award — 2022
  • Health Icon of Bihar — 2025
  • 🏅 Icon of Bihar — Outlook 2013
  • 🏅 IFS-Meyer Achievers Award
  • 🏅 Bihar Healthcare Excellence Award
  • 🏆 Mirchi Excellence Award — 2024

🩺 Specializations

IVF Treatment ICSI IUI Male Infertility High-Risk Pregnancy Gynaecology Laparoscopic Surgery

Dr. Rashmi Prasad

Dr. Rashmi Prasad is one of Bihar’s most trusted infertility and gynaecology specialists, with over 25 years of clinical experience. As Director of Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, Patna, she has helped thousands of couples achieve parenthood through ethical, personalised IVF and reproductive care. She holds an MBBS, DGO and DNB, along with a PG-ART (Post Graduate in Assisted Reproductive Technology) from the University of Kiel, Germany. Her expertise covers IVF, ICSI, IUI, male infertility, high-risk pregnancy and laparoscopic surgery. Dr. Prasad has received several honours, including Asia’s Greatest IVF Specialist (2017), Icon of Bihar (2013), National Fertility Award (2022), Health Icon of Bihar (2025) and the Mirchi Excellence Award (2024).

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