12 साल बाद बेटी हुई! भोजपुर की जुही की IVF Success Story – Patna 2026

संक्षेप में (Quick Answer): भोजपुर जिले के बिक्रम गांव की जुही खातून और मो. तौहिद 12 साल से बच्चे के लिए तरस रहे थे। पटना के दिव्य वात्सल्य ममता फर्टिलिटी सेंटर में डॉ. रश्मि प्रसाद से IVF इलाज करवाया और पहले ही चक्र में गर्भधारण हो गया। खर्च: रजिस्ट्रेशन ₹500, IVF ₹85,000 से ₹1,20,000 तक (दवाईयां अलग से)। 3 सितंबर 2026 को बेटी का जन्म हुआ।
बिहार के भोजपुर जिले में बिक्रम नाम का एक गांव है। वहीं रहती हैं जुही खातून और मो. तौहिद। 12 साल पहले शादी हुई थी। परिवार, रिश्तेदार, गांव — सबको एक खुशखबरी का इंतज़ार था। लेकिन साल पर साल बीतते गए, और वो ख़बर नहीं आई।
3 सितंबर 2026 — यह वह दिन है जब जुही की गोद में नन्ही बेटी आई। बिक्रम गांव में घर-घर मिट्ठाई बटी। 12 साल की चुप्पी टूटी। यह कहानी उन 12 सालों की है, जो आख़िरकार पटना के एक IVF सेंटर में जाकर मुकम्मल हुई।
12 साल की राह में क्या-क्या आज़माया
जुही बताती हैं — “शुरू में गांव के डॉक्टर से दवाई ली। फिर आरा गए। लोग कहते थे बच्चेदानी ठंडी है, गर्माहट लाओ। बहुत सारी झाड़-फूंक भी कराई। जब बस नहीं चला तो बक्सर गए — वहां से एक डॉक्टर ने IUI की सलाह दी। पहला IUI fail. दूसरा भी fail. एक साल होम्योपैथी भी की। कुछ नहीं हुआ।”
घर में चुप्पी बढ़ती जा रही थी। जुही कहती हैं — “रोज़ सोचती थी जब पीरियड आएगा — क्या इस बार भी आ जाएगा। आ जाता था। आंसू भी आज़ाद नहीं बह पाते थे। पति के सामने रोने का मन नहीं करता था — पता था वह भी मर जाएंगे अंदर से। बल्कि तौहिद भाई मेरी ज़्यादा हिम्मत रखते थे। बोलते — ‘परवरदिगार चाहेगा तो होगा।’”
एक रिश्तेदार ने पटना जाने को कहा
2025 की सर्दियों में तौहिद की फुफेरी बहन की लड़की ने बताया — “पटना में डॉ. रश्मि प्रसाद हैं। ये मेरी जान पहचान के एक बहन को बच्चा मिला। एक बार मिल लो।” जुही-तौहिद सोच में पड़ गए। गांव से पटना — 95 किलोमीटर। बार-बार जाना मुश्किल था। पर 12 साल के आगे 95 किलोमीटर क्या थे।
मई 2026 में दोनों पहली बार पटलीपुत्र कॉलोनी पहुंचे। जुही की आंखों में डर भी था, उम्मीद भी। बैठालय में पूछा — “पहले बैठकर बात कीजिए — रजिस्ट्रेशन फीस ₹500।” जुही कॉ लगा — चलो इतना तो डाल ही सकते हैं।
डॉ. रश्मि मैडम के साथ पहली बातचीत
जुही बताती हैं — “डॉ. रश्मि मैडम ने मुझसे नहीं, पहले तौहिद भाई से बात की। फिर दोनों को एक साथ बैठाया। बोली — ‘जीन्दगी में जो भी हुआ भूल जाओ। पहले आज सब जांच करते हैं — दोनों की।’ मेरे पहले की रिपोर्टें देखीं, लेकिन फिर भी फर्टिलिटी के नज़रिये से नई जांच करवाई। ऐसा पहले कोई डॉक्टर नहीं करता था।”
जांच में क्या मिला
दो दिन बाद रिपोर्टें आईं। डॉ. रश्मि ने सीधे-सादे शब्दों में समझाया — “बच्चा न होने की एक भी वजह आप दोनों में एक नहीं थी — ये दो थीं।”
- तौहिद में शुक्राणुओं की चलने की गति (motility) बहुत कम — सिर्फ 24 प्रतिशत। सामान्य में 40 प्रतिशत से ज्यादा होना चाहिए।
- जुही की बच्चेदानी की भीतरी परत (endometrium) पतली थी — 7.2 मिलीमीटर। गर्भ ठहरने के लिए कम से कम 8 मिलीमीटर चाहिए।
डॉ. रश्मि ने बोला — “आप ने जो IUI कराया था — वो ख़राब नहीं था। बस आपके लिए वो चीज़ नहीं थी। जब आदमी में शुक्राणु कम चलने वाले हैं — तो IUI में वे अंडे तक पहुंच ही नहीं पाते। IVF में हम लैब में सीधे मिलाते हैं। यही आपके लिए सही रास्ता है।”
IVF का पूरा खर्चा — शुरू से आखिर तक
जुही और तौहिद ने पाया कि सेंटर पूरी तरह पारदर्शी है — पहले से बता दिया जाता है कि कहां क्या खर्च होगा।
| खर्च | राशि |
|---|---|
| पहली रजिस्ट्रेशन फीस (बातचीत + फ़ाइल) | ₹500 |
| सब जांच (दोनों की) | ₹5,000 – ₹8,000 |
| IVF का बुनियादी खर्च | ₹85,000 से ₹1,20,000 |
| दवाईयां, injection (जो आपके मेडिकल से आएंगे) | अलग से |
कोई छिपा हुआ खर्च नहीं। EMI की सुविधा भी है। पूरी जानकारी यहां पढ़ें — बिहार में IVF का खर्च 2026।
IVF का सफ़र — जुही की ज़बानी
जुही की ज़बानी — “IVF का नाम सुनते ही डर लगा। लगा बहुत दर्द होगा, बहुत injections लगेंगे, बहुत दिन आना-जाना होगा। लेकिन डॉ. रश्मि मैडम ने पूरा process समझाया — ‘आप सोच रही हो उससे ज्यादा आसान है। 12 दिन रोज़ injection — ये आप खुद भी लगा सकती हो। फिर एक दिन अंडे निकालेंगे — एक घंटे में आप चली जाएंगी। एक हफ्ते बाद embryo transfer — ओं तो दर्द बिल्कुल नहीं होता।’ सचमुच एसा ही हुआ।”
पहला चक्र, पहली खुशखबरी
अगस्त 2026 में IVF शुरू हुआ। डॉक्टर ने पहले तौहिद को 2 महीने की दवाईयां दीं — शुक्राणुओं की चलने की गति बढ़ाने के लिए। जुही को bachedani की परत सुधारने की गोलियां दीं। जब दोनों ठीक हो गए, तब IVF का चक्र चलाया।
- 12 दिन स्टिमुलेशन injection
- 13वें दिन अंडे निकाले गए — कुल 9
- लैब में 6 भ्रूण बने, 3 सबसे अच्छे
- 5 दिन बाद embryo transfer — एक भ्रूण
- 2 सप्ताह बाद pregnancy test — पॉजिटिव
जुही कहती हैं — “jab pregnancy test positive आया — मैं प्यार से रोयी बहुत। तौहिद भाई ने फोन काट दिया — बोले, मैं भी रोऊंगा तो बस आज रोना नहीं चाहता। आज सिर्फ खुशी है।”
9 महीने और बेटी का जन्म

जुही की pregnancy में सब ठीक चला। डॉ. रश्मि मैडम ने रोज़ फोन पर जवाब दिया — जब भी डर लगता, जब भी सवाल आते। ब्ल्ड प्रेशर बढ़ा — रोज़ चेक करवाया। झूला में मंगलगीत बजे।
3 सितंबर 2026 — सुबह 8:45 बजे — नॉर्मल डिलिवरी। बेटी ने जन्म लिया — वज़न 2 किलो 800 ग्राम, पूरी तरह से स्वस्थ। जुही कहती हैं — “बस लपट लिया गोद में। 12 साल की थकान एक पल में गायब।”
जुही का भोजपुर की बहनों के नाम संदेश
“मैं सबसे एक बात कहना चाहती हूं। बच्चा नहीं होने में सिर्फ मेरी गलती नहीं थी। जब जांच हुई तो पता लगा — तौहिद भाई में भी कमजोरी थी। सोचिए — पिछले कितने सालों में बस मुझे गोलियां दी जाती रहीं। आप जो भी बहन ये पढ़ रही हो — आपने पति को साथ ले जाओ। दोनों की जांच एक साथ करवाओ। यही एक बात 12 साल बचा सकती थी — लेकिन किसी ने नहीं कही। आज मेरी बेटी मेरे साथ है।”
— जुही खातून, बिक्रम गांव, भोजपुर (सितंबर 2026)
भोजपुर से पटना — रास्ता और खर्चे
बिक्रम गांव से पटना लगभग 95 किलोमीटर। आरा रेलवे स्टेशन से पटना जंक्शन — रेल से एक घंटा। बस से जाएं तो ढाई से तीन घंटे। जुही ने पूरे IVF के दौरान कुल 8 बार आना पड़ा:
- पहली बैठक — रजिस्ट्रेशन (₹500)
- जांच के लिए 1 दिन — बहुत सारे टेस्ट एक साथ
- 3 बार स्टिमुलेशन के दौरान monitoring
- 1 दिन अंडे निकालने के लिए (एक रात रुकना पड़ा)
- 1 दिन embryo transfer
- 2 बार pregnancy test aur ultrasound
पटना में पटलीपुत्र कॉलोनी के पास 500 मीटर में ₹700 से ₹1,200 में कमरे मिल जाते हैं। सेंटर वालों ने भी बताया — जांच में जो भी बाहर से आते हैं, सभी टेस्ट एक दिन में करवाएंगे — और बार-बार आना नहीं पड़ेगा।
डॉ. रश्मि प्रसाद की बात
“जुही और तौहिद का case बिहार के गांवों में बहुत आम है। लोग समझते हैं — महिला में ही कमी होगी। पर सच ये है कि लगभग एक तिहाई मामलों में कमी आदमी में होती है। एक तिहाई में दोनों में। जब आप सिर्फ महिला को दवाई देते हैं, आदमी की जांच ही नहीं करते — तो सालों निकल जाते हैं पर जवाब नहीं मिलता। सही जांच पहले। फिर सही इलाज।”
— डॉ. रश्मि प्रसाद (MBBS, DGO, DNB, PG-ART, University of Kiel, Germany से प्रशिक्षण)। 25 साल से बिहार में IVF और फर्टिलिटी पर काम।
बिहार की और बहनों की सच्ची कहानियां
- आरा के प्रेम कुमार-इंदू देवी — 10 साल बाद
- मुजफ्फरपुर के अजीत-रिंकू — पहले चक्र में सफल
- पुरुषोत्तम-गुड़िया — 16 साल बाद
- पूजा — 17 साल बाद
जो सवाल बार-बार पूछे जाते हैं
IVF में रजिस्ट्रेशन फीस कितनी है?
दिव्य वात्सल्य ममता फर्टिलिटी सेंटर में पहली बार मिलने पर रजिस्ट्रेशन फीस सिर्फ ₹500 है। इसमें डॉक्टर से बातचीत, आपकी फ़ाइल बनाना सब शामिल है।
IVF का पूरा खर्च कितना आता है?
IVF का बुनियादी खर्च ₹85,000 से ₹1,20,000 तक है। दवाईयां और injection आपको मेडिकल से अलग से लेनी होती हैं। आपकी जांच और स्थिति के आधार पर पूरा estimate पहले लिखकर दिया जाता है।
12 साल बाद IVF सफल हो सकता है?
जी हां। जुही का उदाहरण आपके सामने है। आयु चालीस से कम हो, सही जांच हो, और ट्रीटमेंट सही चुना जाए — तो 12 साल का इंतज़ार भी खत्म हो सकता है।
भोजपुर में IVF क्यों नहीं होता?
IVF के लिए स्पेशल embryology लैब, embryo संभालने की सुविधा, और पूरे दिन-रात निगरानी चाहिए — ये बड़े शहरों में ही हैं। भोजपुर से पटना 95 किलोमीटर है — एक दिन में आना-जाना आसान है।
भोजपुर / आरा / बक्सर से संपर्क करें
जुही जैसी कहानी आपकी भी बन सकती है। पहली बातचीत के लिए सिर्फ ₹500 रजिस्ट्रेशन फीस।
📍 पटलीपुत्र कॉलोनी, पटना — 800013
📞 +91 97710 38137 (WhatsApp भी उपलब्ध)
🕒 सोमवार से शनिवार, सुबह 9 से शाम 6
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अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है — यह किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है — किसी भी इलाज, दवा या निर्णय से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें। Diwya Vatsalya Mamta Fertility Centre, Patna में मुफ़्त परामर्श के लिए +91 97710 38137 पर संपर्क करें।



